Question 1(a) · 10 marks · 84 words written
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बाज़ारवादी प्रवृत्तियों के विकास के क्रम में आज उत्पादन के साथ बेचने के तरीकों अर्थात मार्केटिंग पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाता है।
Body · points and prose
विपणन के सम्बन्ध में नैतिक मुद्दे -
- सेवा, उत्पाद की गुणवत्ता
- गुणवत्ता की जांच के बजाय चर्चित 'चेहरों' या लोगों की भावनायें भुनाने पर बल
- स्त्री का वस्तुकरण
- e.g. डियोडरेंट इत्यादि विज्ञापनों में स्त्री को कामुक स्वरूप में प्रस्तुत करना
- व्यावसायिक नैतिकता
- सिने स्टार इत्यादि द्वारा बिना गुणवत्ता परख लिये विज्ञापन करना
- पारदर्शिता, वस्तुनिष्ठता, सत्यनिष्ठा से संबंधित मुद्दे
- अपनी कंपनी के उत्पादों के बजाय दूसरी कंपनी के उत्पादों की कमियां गिनाना
समाधान के तरीके -
- व्यावसायिक नैतिकता को सार्थक बनाकर
- जनजागरूकता, मीडिया आदि के प्रचार द्वारा
- उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को सुदृढ करके
- विज्ञापनों के नियामक संगठन को अधिक शक्तिशाली बनाकर
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इस प्रकार विधि तथा नैतिकता के सामंजस्य के माध्यम से व्यावसायिक विज्ञापनों में नैतिक मुद्दों का समाधान किया जा सकता है।