Question 1 · 10 marks · 211 words written
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हाल मे उच्चतम न्यायालय ने 'AMU' का अल्पसंख्यक का दर्जा बरकरार रखा, और भारतीय संविधान के अनु. 29 (अल्पसंख्यको के संरक्षण) एवं अनु. 30 (शैक्षिक संस्थाओ के नियमन) संबंधी पहलू को भी उजागर किया।
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SC के निर्णय के पहलू
- भले ही स्वतंत्रता पूर्व का विश्वविद्यालय हो, एवं उसे संसदीय कानून द्वारा अधिनियमित भी किया हो, परंतु इस आधार पर उसका दर्जा नही छीना जा सकता।
- उसकी उत्पत्ति की मूल भावना व उद्देश्य को ध्यान मे रखा जायेगा।
- अल्पसंख्यको की सुरक्षा और उनकी संस्कृति की सुरक्षा, भारतीय संवैधानिक नैतिकता का पहलू है।
→ इस निर्णय से अनु. 30 की शर्ते AMU में जारी रहेगी * (1) अपने नियम/विनियम, भर्ती प्रक्रिया संबंधी बनाना। * (2) राज्य का अनावश्यक हस्तक्षेप नही होगा। * (3) आरक्षण के प्रावधानों को लागू करने की बाध्यता नही होगी। * (4) अल्पसंख्यक विशेष हेतु निश्चित प्रावधान।
→ हाँलाकि फिर भी → राज्य इसे पोषित करते समय भी इनके पाठ्यक्रम और संचालन पर नजर बनाये रखेगा। → मूल ढांचे के प्रावधान और संवैधानिक नैतिकता का पालन इन संस्थानों को करना होगा। → ये संस्थान विधि की प्रक्रिया से ऊपर नही होगें।
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SC का निर्णय भारत की समन्वित संस्कृति और सकारात्मक कार्यवाही के मूल्य है जो न केवल बहुसंख्यकों बल्कि प्रत्येक छोटे/कमजोर अल्पसंख्यकों की भी सहायता देती है।