AIR 2 · CSE 2023 · GS4 · 64 pages

Animesh Pradhan: GS4 answer copy

28 answers by Animesh Pradhan, as written in the test. Each question opens a page with how other toppers answered it.

The questions

  1. Q1(a)10 marks
  2. Q5(iv)Tolerance in pluralistic societies
  3. Q5(v)Compassion in public service
  4. Q7भारत के एक महानगरीय शहर में, कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अपनी अपराध-रोधी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए चेहरे की पहचान तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने चेहरे की पहचान की एक प्रणाली लागू की जिसे शहर भर में मौजूदा निगरानी कैमरों के साथ एकीकृत किया गया। इसने व्यक्तियों की रीयल टाइम आधारित पहचान और ट्रैकिंग को सक्षम बनाया। इस प्रणाली का उद्देश्य ज्ञात अपराधियों, लापता व्यक्तियों और चल रही जांच में संदिग्धों की पहचान करने में सहायता करना था। एक शाम, किसी महिला ने लूटपाट की एक घटना की सूचना दी, जहां अपराधी ने एक हुडी पहनी थी, जिससे उसका अधिकांश चेहरा स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। पीड़िता ने पुलिस को एक अस्पष्ट विवरण प्रदान किया और उस जानकारी के आधार पर, अधिकारियों ने संभावित संदिग्धों का पता लगाने के लिए चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया। सिस्टम ने अपराध स्थल के पास विभिन्न स्थानों से प्राप्त निगरानी कैमरों की फुटेज को गहनता से स्कैन किया। चेहरे की पहचान एल्गोरिथम ने संभावित मिलानों की एक सूची तैयार की और एक व्यक्ति की छवि सामने आई, जो पीड़िता द्वारा प्रदान किए गए विवरण के साथ मेल खा रही थी। पुलिस ने उस व्यक्ति को मुख्य संदिग्ध माना और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद, यह पता चला कि गिरफ्तार व्यक्ति निर्दोष था। आगे की जांच से पता चला कि चेहरे की पहचान प्रणाली ने प्रौद्योगिकी की सीमाओं और पीड़िता द्वारा प्रदान किए गए आंशिक विवरण के कारण निर्दोष व्यक्ति की गलत पहचान की थी। पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति को रिहा कर दिया; फिर भी उसकी प्रतिष्ठा जीवन भर के लिए कलंकित हो गई। उसे उसके परिवार सहित, उसके वर्तमान निवास स्थान से बेदखल कर दिया गया था। इस घटना का मनोवैज्ञानिक प्रभाव अत्यधिक गहरा है जिसके कारण उसकी नौकरी भी खतरे में है। इस प्रकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित का उत्तर दीजिए: (a) इस प्रकरण में शामिल मुद्दे कौन-से हैं? (b) ऐसी प्रौद्योगिकियों को अपनाने के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? (250 शब्दों में उत्तर दीजिए)
  5. Q7(null)With reference to this case study, answer the following: (a) What are the issues involved in this case? (b) What measures can be taken to minimize the negative implications of adopting such technologies?20 marks
  6. Q8In the given situation: (a) What dilemmas does Rina face? (b) What options does she have? Provide the merits and demerits of each. (c) Highlight the course of action she should adopt, along with justification for the same.20 marks
  7. Q920 marks
  8. Q1010. गहरे समुद्र में ड्रिलिंग के अनेक समर्थकों का तर्क है कि हिंद महासागर से बड़ी मात्रा में दुर्लभ-भू धातुओं के दोहन से भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को बढ़ावा देने, इसकी अर्थव्यवस्था और कार्यबल को मजबूत करने एवं रणनीतिक खनिजों की भरोसेमंद आपूर्ति प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसे ध्यान में रखते हुए, सरकार ने समुद्र तल से 6,000 मीटर की गहराई में हिंद महासागर के तल से निकेल, कोबाल्ट, मैंगनीज और आयरन हाइड्रोक्साइड के खनन की विधियों का अध्ययन करने के लिए 540 मिलियन डॉलर के एक कार्यक्रम को मंजूरी दी है। सरकार का तर्क है कि यह परियोजना 100 वर्षों तक भारत की संवृद्धि को शक्ति प्रदान कर सकती है। यह जलवायु परिवर्तन का भी अध्ययन करेगा, समुद्री वनस्पतियों और जीवों का पता लगाएगा एवं तापीय ऊर्जा का उपयोग करेगा। हालांकि, एक प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण का आरोप है कि गहरे समुद्र में ड्रिलिंग से पर्यावरण को अत्यधिक खतरा है। स्वतंत्र भूवैज्ञानिकों द्वारा संधारणीय महासागर अर्थव्यवस्था पर एक व्यापक रिपोर्ट में कहा गया है कि "जब तक गहरे समुद्र में खनन की आवश्यकता और इसके संभावित परिणामों को बेहतर ढंग से नहीं समझा जाता है, तब तक इस अवधारणा को एक संधारणीय महासागर अर्थव्यवस्था की परिभाषा के साथ संरेखित करना वैचारिक रूप से कठिन है। इसके अलावा यह विभिन्न पर्यावरणीय, कानूनी और शासन संबंधी चुनौतियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के संधारणीय विकास लक्ष्यों के साथ संभावित टकराव के मुद्दों को भी उत्पन्न करता है।" यह इस बात पर भी प्रकाश डालता है कि सरकारी समर्थन या तुलनात्मक रूप से कम करों के बिना, राष्ट्रीय खनन कार्यों की लाभप्रदता संदिग्ध बनी हुई है। यदि परिचालन लाभदायक होता है, तो यह मानवता की साझी विरासत से प्राप्त संसाधन से होने वाले लाभ के न्यायसंगत बंटवारे के बारे में भी प्रश्न उठाएगा। इसके अतिरिक्त, BMW, वोल्वो, गूगल और कोरियाई बैटरी निर्माता सैमसंग SDI जैसी कंपनियों ने एक बयान में गहरे समुद्र में खनन से उत्पन्न धातुओं को तब तक नहीं खरीदने की प्रतिबद्धता प्रकट की है, जब तक कि इस गतिविधि के पर्यावरणीय जोखिमों को "व्यापक रूप से समझा नहीं जाता है"। उपर्युक्त जानकारी के संदर्भ में, निम्नलिखित पर ध्यान दीजिए: (a) प्रस्तुत प्रकरण में शामिल नैतिक मुद्दे कौन-से हैं? (b) महासागरों की संधारणीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना किसी राष्ट्र के आर्थिक विकास के दृष्टिकोण को कैसे प्राप्त किया जा सकता है? (250 शब्दों में उत्तर दीजिए)
  9. Q11श्री वाई ने अपने समुदाय के सदस्यों द्वारा धार्मिक पूजा स्थल के निर्माण हेतु जंगल की तलहटी में स्थित एक शहर में 40 एकड़ जमीन खरीदी। पूजा स्थल की योजना में अनेक परस्पर जुड़ी इमारतों, बालकनियों और पानी के फव्वारों का निर्माण किया जाना था। पूजा के केंद्र होने के अलावा, इस स्थान का उद्देश्य दूर-दूर से आने वाले कई उपासकों के लिए आवास प्रदान करना है। योजना को देखने वाला हर कोई इस बात पर सहमत है कि संरचना असाधारण रूप से सुंदर साबित होगी। विडंबना यह है कि इस स्थल की सुंदरता क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का मुख्य कारण बन गई है, जिनमें से एक बड़ा प्रतिशत एक अलग धार्मिक समुदाय से है। उनमें से कई लोगों का मानना है कि यह स्थान पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बन सकता है, जिससे यातायात की समस्याएं पैदा हो सकती हैं और उनके पड़ोस की शांत जीवन शैली खराब हो सकती है। कम-से-कम, हजारों उपासकों के नियमित रूप से इस स्थान पर आने की उम्मीद है। कई निवासी सोचते हैं कि उनका पड़ोस न तो इस आकार के परिसर के निर्माण और न ही इतने लोगों, जितनों को समायोजित करने की अपेक्षा की गई है, के लिए यह उपयुक्त है। यहां 1,500 लोगों तक के इकट्ठा होने की अपेक्षा की गई है, हालांकि साइट तक केवल एक दो लेन की सड़क उपलब्ध है। विरोधियों का तर्क है कि इतने ट्रैफिक से आवागमन में समस्याएं पैदा होंगी और बच्चों एवं साइकिल चालकों द्वारा यात्रा के लिए अत्यधिक प्रयोग की जाने वाली सड़कों पर खतरे पैदा होंगे। बढ़ते ट्रैफिक से पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस बीच अन्य लोग इस विरोध के पीछे एक और अधिक घातक कारण देते हैं: पूर्वाग्रह। उन्हें आश्चर्य है कि क्या पूजा स्थल पर आपत्ति जताने वाले लोग धार्मिक पूर्वाग्रहों से प्रेरित हैं। लेकिन निर्माण का विरोध करने वालों का कहना है कि धर्म का इससे कोई लेना-देना नहीं है और वे ऐसे किसी भी प्रकार के विकास का विरोध करते हैं जिससे क्षेत्र में ट्रैफिक जाम हो। अतः, इस मामले में उन्हें सिर्फ आकार और स्थान को लेकर समस्या है। विरोध के जवाब में, शहर के योजनाकारों ने निवासियों को आश्वासन दिया है कि क्षेत्र के लिए उपयुक्त शहर निर्माण संबंधी सभी दिशा-निर्देशों और ज़ोनिंग नियमों का पालन किया जाएगा। इसलिए उन्हें निर्माण की योजना रोकने का कोई कारण नजर नहीं आता। हालांकि, विरोधियों का आरोप है कि शहर के योजनाकार सही पर्यावरणीय प्रभाव रिपोर्ट तैयार करने में विफल रहे हैं और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने उन निवासियों को ठीक से सूचित नहीं किया, जिनके प्रभावित होने की संभावना है, जबकि यह अभी भी योजना के शुरुआती, लचीले चरणों में है। (a) आप एक जिला मजिस्ट्रेट हैं और यह क्षेत्र आपके क्षेत्राधिकार में आता है। दोनों पक्षों के लोग अपनी शिकायतें लेकर आपके पास आए हैं। आप दोनों दृष्टिकोणों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए क्या करेंगे? (b) कार्रवाई की निम्नलिखित संभावित तरीकों के गुण और दोषों का उल्लेख कीजिए: (1) क्षेत्र के निवासियों के विरोध को नजरअंदाज करना और धार्मिक पूजा स्थल को मौजूदा नियमों के अनुसार बनाने की अनुमति दे देना। (2) नए पूजा स्थल पर भरोसा करने वाले हजारों उपासकों को निराश करते हुए, निवासियों से सहमत होकर निर्माण पर रोक लगा देना। (3) एक समझौते के रूप में, आपके द्वारा पूजा स्थल पर भवन निर्माण संबंधी अतिरिक्त नियमों को लागू किया जाना या डिजाइन में संशोधन पर बल दिया जाना। (250 शब्दों में उत्तर दीजिए)

The answers

Question 1(a) · 10 marks · 128 words written

Opening · a definition

Corporate ethics advocates the trinitarian welfare model catering to effective environmental, social and governance norms fulfilling the spirits of equity and sustainability.

Importance of integrating ESG metrics with multistakeholder approach

Body · points and prose

(1) Taking a balanced approach in meeting the tripple bottom line -

Diagram
* Venn diagram with three overlapping circles labeled: * people * planet * profit * An arrow points from the intersection to "ESG norms"

(2) Ethical Corporate culture on the lines 'maxim of reciprocity' where corporates have moral obligation to return goodwill to society. (3) Prevail ethical standards transparent

governance taking care of various stakeholder create an amicable work culture.

(4) Sustainable development - To fulfill the demands of Paris Agreement, corporates need to environmentally ethical.

(5) Productivity via Inclusion - McKinsey reports note that diversity in organisations improve productivity by 30%. (social care)

Diagram
- Benefits accrued by such norms - Environmental - sustainable development - environmental consciousness - Ex consumer detasting high fashion brand for greenwashing - preservation of flora & fauna - limit climate change - Social - Inclusive development - Minimise inequality - Revelance of justice - Ex Niyamgiri protest against vedanta - Governance - Improve work culture - Transparency & accountability prevail.

Close · a summary

With SEBI mandating Business & sustainability Reporting, India is moving towards an empowered, ethical corporate governance.